“ज़ीरो फ़ीस” मुफ़्त नहीं होती: एक्सचेंज रेट मार्कअप कैसे काम करता है
हर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफ़र के दो ख़र्च होते हैं: दिखने वाली फ़ीस और एक्सचेंज रेट में छिपा मार्कअप। दूसरा ख़र्च किसी रसीद पर “फ़ीस” के रूप में नहीं दिखता, लेकिन घरवालों को कम रुपये मिलते हैं।
1% मार्कअप की असली क़ीमत
2026-10-08 को मिड-मार्केट रेट 1 AED = 26.3673 INR था। 5,000 दिरहम भेजने पर:
| मार्कअप | आपको मिलने वाला रेट | घरवालों को इतने कम मिलेंगे |
|---|---|---|
| 0.5% | 26.2354 | 659.18 INR |
| 1.0% | 26.1036 | 1,318.36 INR |
| 2.0% | 25.8399 | 2,636.73 INR |
| 3.0% | 25.5763 | 3,955.09 INR |
ख़ुद कैसे जाँचें
- आज का मिड-मार्केट रेट देखें (हमारे कैलकुलेटर में दिखता है)।
- सेवा का रेट लें और हिसाब करें: (मिड-मार्केट − दिया गया रेट) ÷ मिड-मार्केट।
- इसमें फ़िक्स्ड फ़ीस जोड़ें — यही असली लागत है।
सबसे आसान तरीक़ा
फ़ीस और रेट को अलग-अलग मत देखिए; सिर्फ़ यह पूछिए कि भारत में कितने रुपये पहुँचेंगे। इस एक संख्या में दोनों ख़र्च शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मिड-मार्केट रेट क्या है?
होलसेल बाज़ार में ख़रीद और बिक्री के भाव का बीच का बिंदु — तुलना के लिए सबसे निष्पक्ष आधार।
कितना मार्कअप सामान्य है?
कुछ ऑनलाइन सेवाएँ लगभग मिड-मार्केट रेट देकर अलग से फ़ीस लेती हैं; बैंक अक्सर 1–3% तक जोड़ते हैं।