NRE, NRO या बचत खाता? विदेश से भारत पैसा पाने के सही तरीक़े
विदेश से भेजा गया पैसा किस खाते में जाए, इससे टैक्स, ब्याज और बाद में पैसा वापस ले जाने की सुविधा बदल जाती है।
1. NRE खाता
विदेश में कमाया पैसा रखने के लिए। ब्याज भारत में टैक्स-फ़्री है और मूलधन व ब्याज दोनों वापस विदेश भेजे जा सकते हैं। इसमें सिर्फ़ विदेश से आया पैसा जमा होता है।
2. NRO खाता
भारत में होने वाली आय (किराया, पेंशन, डिविडेंड) के लिए। ब्याज पर भारत में टैक्स कटता है, और पैसा विदेश ले जाने की एक सालाना सीमा होती है।
3. परिवार का बचत खाता
अगर पैसा माता-पिता या पत्नी के ख़र्च के लिए है, तो सीधे उनके बचत खाते में भेजना सबसे आसान है। रिश्तेदार से मिला पैसा भारत में टैक्स-फ़्री है; ग़ैर-रिश्तेदार से साल में ₹50,000 से ज़्यादा मिलने पर टैक्स लग सकता है।
4. IMPS, NEFT और UPI
ज़्यादातर ट्रांसफ़र सेवाएँ भारत में स्थानीय पार्टनर बैंक के ज़रिए IMPS से कुछ ही मिनट में पैसा जमा करती हैं। कुछ सेवाएँ UPI ID पर भी भेजती हैं — इसके लिए UPI ID पाने वाले के नाम पर ही होनी चाहिए।
5. पर्पज़ कोड
बैंक हर आने वाले विदेशी भुगतान का उद्देश्य दर्ज करते हैं; परिवार के ख़र्च के लिए आम तौर पर P1301 (फ़ैमिली मेंटेनेंस) इस्तेमाल होता है। बड़ी रक़म पर बैंक PAN या KYC अपडेट माँग सकता है।
6. एक छोटा हिसाब
2026-10-07 के रेट 1 USD = 96.7300 INR पर, 1,000 डॉलर पर सिर्फ़ 1.5% का अतिरिक्त मार्कअप लगभग 1,450.95 INR के बराबर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या NRE खाते में भारत का पैसा जमा कर सकते हैं?
नहीं, NRE खाते में सिर्फ़ विदेश से आया या विदेशी कमाई का पैसा जमा होता है। भारतीय आय के लिए NRO खाता है।
UPI से विदेश का पैसा मिल सकता है?
कुछ अंतरराष्ट्रीय सेवाएँ UPI ID पर भुगतान करती हैं। ज़्यादातर सेवाएँ बैंक खाते में IMPS से भेजती हैं।
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